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शुक्रवार, 16 जून 2017

घमंड से अपना *सर* ऊँचा न करे...


घमंड से अपना *सर* ऊँचा न करे...
जीतने वाले भी ....
अपना *गोल्ड मैडल*...
सिर झुका के हासिल करते है

बुधवार, 14 जून 2017

*जो आनंद अपनी छोटी पहचान बनाने मे है वो...

*जो आनंद अपनी*
*छोटी पहचान बनाने मे है,*
*वो किसी बड़े की*
*परछाई बनने मे नही है।*

*अपने वो नही होते जो*
              *तस्वीर*
     *में साथ खड़े होते हैं*

      *अपने वो हैं जो*
           *तकलीफ*
     *में साथ खड़े होते हैं।*

सोमवार, 12 जून 2017

*जियो और जीना सिखा दो*

*घोडा प्रथम वही आता है*
*जिसका सवार अच्छा हो*..!
                  *परिवार वह ही आगे बढ़ता है*..
                  *जहाँ मुखिया समझदार हो* ..!
बिना सवार का घोडा
                  बेलगाम हो जाता है
और बिना मुखिया के
                  परिवार बट जाता है
*किसी भी मोड़ पर अगर*
               *मै बुरा  लगूं....*

*तो ज़माने को बताने से पहले*
*एक बार मुझे जरूर बता देना ,*

*क्योंकि बदलना मुझे है ,*
                        *ज़माने को नहीं .*
" चेहरे की हंसी से गम को भुला दो*
    *कम बोलो पर सब कुछ बता दो*
   *ख़ुद ना रूठो और  सबको हंसा दो*
      *यही राज है जिन्दगी का*
  *जियो और जीना सिखा दो*
   

*हर चीज़ की कीमत समय आने पर ही होती है,*

*हर चीज़ की कीमत समय आने पर ही होती है,*

*मुफ्त में मिलता हुआ ये ओक्सिजन, अस्पताल में बहुत महंगा बिकता है।।*

गुरुवार, 25 मई 2017

*क्या ईश्वर 'जातिवादी' है ??*

*वो कहते है कि शादी के लिये जोडियां ईश्वर स्वर्ग में ही बना देता है ....* यह सच है??


*पर ईश्वर की बनाई जोडियां एक ही जाति की क्यों होती हैं ??*


*क्या ईश्वर 'जातिवादी' है ??*


या फ़िर जातिवादीयों ने ही.... *ईश्वर* बनाया है...
अब सोचिये.

गुरुवार, 11 मई 2017

आपने भगवान को समझ क्या रखा है ?

आज मंदिर में बहुत भीड़ थी, एक  *विदेशी लड़की दर्शन* के लिए लगी लम्बी लाइन को अचरज से देख रही थी, *तभी एक पंडित जी आये और बोले :~* बहुत लम्बी कतार है, ऎसे दर्शन नही हो पाएंगे, *501* रू. मे *VIP* पास ले लो, जल्दी दर्शन करवा दूंगा !
*विदेशी *लड़की बोली :~* मै 5100 दूंगी, भगवान से कहो बाहर आकर मिल लें !
*पंडित जी बोले :~* मजाक करती हो, भगवान भी कभी मंदिर से बाहर आते हैं क्या ?
*विदेशी लड़की फिर बोली :~* मै 51000 दूंगी, उनसे कहो, मुझ से मेरे घर पर आकर मिल लें !
*पंडितजी:~* (गुस्से मे) : तुमने भगवान को समझ क्या रखा रखा है !
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*विदेशी लड़की :~ वही तो मै भी पूछना चाहती हूं, आपने भगवान को समझ क्या रखा है ?*
वैज्ञानिक तर्क सफल जीवन का मूल आधार हैं
इसलिए बुद्ध कहते हैं -
जो तर्क नही करता वह धर्म में अँधा हैं , जो तर्क नही कर सकता वो मुर्ख हैं और जो तर्क-वितर्क करने का साहस ही नही कर सकता वो मानसिक ग़ुलाम हैं ।

बुधवार, 10 मई 2017

पुरी कायनात मे सिर्फ नारी के पास ही है जो कल्पवृक्ष से कम नही है।

*बेटी...*

एक बेटी ने अपने पिता से एक प्यारा सा सवाल किया कि पापा ये आंगन मे जो पेड़ है, उसे पीछे वाले बगीचे मे लगा दे तो ? पिता असमंजस मे और बोले बेटी ये चार साल पुराना पेड़ है नई जगह, नई मिट्टी मे ढल पाना मुश्किल होगा । तब बेटी ने जलभरी आंखो से पिता से सवाल किया कि एक पौधा और भी तो है आपके आंगन का जो बाईस बरस पुराना है क्या वो नई जगह पर ढल पाएगा ? पिता बेटी की बात पर सोचते हुए कहा कि यह शक्ति पुरी कायनात मे सिर्फ नारी के पास ही है जो कल्पवृक्ष से कम नही है। खुद नए माहौल मे ढलकर औरो कि सेवा करती है । ताउम्र उनके लिए जीती है ।
बेटी से ही मां, बहन व पत्नि है ।